शेरनी को संस्कृत में क्या कहते है ?

Sherni ko sanskrit mein kya kahate hain: शेर के साथ साथ शेरनी भी अपनी ताकत, चपलता और शिकार करने के कौशल के कारण जानी जाती है।

शेरनी अपने शेर और अपने शावकों के साथ एक झुण्ड में रहती है, जो बच्चो के बड़े होने तक उनकी देखभाल करती है और शेर उनकी सुरक्षा करता है।

शेरनी को संस्कृत में क्या कहते है ?

शेरनी को संस्कृत में सिंहिका और सिंहनी कहते है, संस्कृत में सिंहिका शब्द “सिंह” से लिए गया है जिसका अर्थ शेर होता है।

उदाहरण

नीचे दिए गए कुछ उदाहरण से आप संस्कृत भाषा में शेरनी का प्रयोग सीख सकते है।

1. शेरनी अपने बच्चो के साथ बैठी है।

सिंहिका शावकैः सह उपविष्टा अस्ति।

2. शेरनी शिकार की तलाश में है।

सिंहिका शिकारं अन्वेषयति।

3. शेरनी ने अपने शिकार को देखकर चौकन्नी हो गयी।

सिंहनी स्वशिकारं दृष्ट्वा सजगता अभवत् ।

4. बिना डरे, शेरनी आगे बढ़ रही है।

अनिर्भीता सिंहिका अग्रे गच्छति।

5. शेरनी तालाब में पानी पी रही है।

सिंहिका तडागे जलं पिबति।

6. शेरनी पहाड़ी के ऊपर से चारो ओर देख रही है।

सिंहिका पर्वतशिखरात् परितः पश्यति।

7. शेरनी अपने बच्चो के लिए शिकार ढूंढ रही है।

सिंहिका स्वशावकानां शिकारं अन्विष्यमाणा

आशा करते है Sherni ko sanskrit mein kya kahate hain और शेरनी का संस्कृत वाक्य में प्रयोग, आपको अच्छी तरह से समझ में आ गया होगा।

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