गाय को संस्कृत में क्या कहते है ?

Gay ko sanskrit mein kya kahate hain: गाय एक पालतू और बहुत उपयोगी जानवर है, जिसके इंसान दूध, मूत्र और गोबर तक का उपयोग करता है।

हिन्दू धर्म में गाय को पूजा जाता है, इन्हे गौमाता कहा जाता है। गाय के बछड़ा बड़ा होकर बैल बनता है, जो किसानो की बूगी खींचने ने काम आता है।

गाय को संस्कृत में क्या कहते है ?

गाय को संस्कृत में गौ:, गावः, धेनु कहते है, भारत में गाय को माता की तरह पूजा जाता है।

उदाहरण

1. हिंदू संस्कृति में गाय को एक पवित्र जानवर माना गया है।

हिन्दुसंस्कृतौ गोः पवित्रपशुः इति मन्यते ।

2. गाय शाकाहारी जानवर हैं।

गावः शाकाहारी पशवः सन्ति।

3. गाय खेत में घास चर रही हैं।

गावः क्षेत्रे तृणानि चरन्ति।

4. गाय का दूध पोषक तत्वों से भरपूर होता है।

गोदुग्धं पोषकद्रव्यैः समृद्धं भवति ।

5. गाय के गोबर का उपयोग कृषि में किया जाता है।

कृषिकार्य्ये गोमयस्य उपयोगः भवति ।

6. गाय एक पालतू जानवर है।

गोः पालतूपशुः ।

7. गाय के मूत्र में औषधीय गुण होते हैं।

गोमूत्रस्य औषधगुणाः सन्ति ।

आशा करते है Gay ko sanskrit mein kya kahate hain और गाय का संस्कृत वाक्य में प्रयोग को अच्छी तरह से समझ गए होंगे।

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